Saturday, March 2, 2019

महान सम्राट अशोक | Mahan samrat ashok

महान सम्राट अशोक भारतीय शासकों में से एक महान शासक था अशोक 273 इसी पूर्व अपने पिता बिंदुसार के बाद मगध साम्राज्य का सम्राट बना असम राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी आज का पटना अशोक जी स्तं राज्य प्रशासन करते थे उसकी स्थापना उनके दादा चंद्रगुप्त मौर्य ने आज से लगभग 2300 वर्ष पहले की थी
महान सम्राट अशोक | Mahan samrat ashok

चक्रवर्ती सम्राट अशोक

अशोक ने शासनकाल को अधिक माननीय बनाने के लिए प्रजा के हित के लिए अनेक कार्य किए उसने मनुष्यों एवं पशुओं के लिए चिकित्सालय खुलवा है जहां गरीबों की निशुल्क चिकित्सा प्रदान की जाती थी और उन्हें औषधिया भी प्राप्त प्राप्त कराई जाती थी उस उसने सड़क के किनारे एक लगवाएं ताकि मनुष्य पशु पक्षियों को छाया मिल सके इसके साथ ही जगह-जगह पर हुए भी खुद बाय गए जहां यात्रियों की सुविधा के लिए उचित इंतजाम प्रशासन के तरफ से किया गया था |

भारत में आज जहां उड़ीसा राज्य है सम्राट अशोक के समय कलिंग नाम का एक राज्य था अशोक ने कलिंग पर चढ़ाई की बहुत भारी युद्ध हुआ कल के लोग हार गए युद्ध में हजारों नागरिक और सैनिक मारे गए ने किया बेसहारा हुए उस मैदान जहां युद्ध हुआ था वहां खून की नदियां बहने लगा लोग तरफ तरफ के मर रहे थे इससे सम्राट अशोक का दिल दहल गया युद्ध जीतकर भी अशोक को का मन दुख से भर गया उसने सोचा युद्ध से लोगों को दुख होता है इसीलिए वह युद्ध छोड़कर लोगों की भलाई में लग गया विचारों को संदेश के रूप में चट्टानों पर खुद बाय जो निम्नलिखित है पत्थर की चट्टानों पर अंकित अशोक के अभिलेखों की संख्या सबसे अधिक है अपने राज्य के रोहतास जिले के अंतर्गत सासाराम से 2 मिनट पूर्व चंदन नामक पहाड़ पर अशोक के शिलालेख आज भी दर्शनीय है
महान सम्राट अशोक | Mahan samrat ashok

महान सम्राट अशोक परवर्ती मौर्य सम्राट अशोक

अशोक ने अपने अभिलेखों में खुदाया है कि राजा बनने के 8 साल बाद मैंने कलिंग युद्ध को जीता इससे मुझे बहुत दुख हुआ यह क्यों जब एक आजाद जनपद हराया जाता है वहां लाखों लोग मारे जाते हैं और बंदी बनाकर अपने जनपद से बाहर निकाल दिए जाते हैं वहां रहने वाले ब्राह्मण भिक्षु मारे जाते हैं ऐसे किसान जो अपने बंधु मित्रों दास और मजदूर ने नर्मदा पूर्ण बर्ताव करते हैं वह भी युद्ध में मारे जाते हैं और अपने प्रिय जनों से बिछड़ जाते हैं इस तरह हर तरह के लोगों पर युद्ध का बुरा प्रभाव पड़ता है इससे मैं दुखी होता हूं इस युद्ध के बाद मैंने मन लगाकर धर्म का पालन किया है और दूसरों को भी यही सिखाया है
महान सम्राट अशोक | Mahan samrat ashok


मैं जानता हूं कि धर्म व्यवहार से जीतना युद्ध से जीतने से बेहतर है मैं इन बातों को खुद गा रहा हूं ताकि मेरे पुत्र भी युद्ध करने की बात ना सोचे अशोक के साम्राज्य में अनेक धर्मों के लोग रहते थे अशोक ने पूछा तारों धर्म के लोग आपस में मिलकर रहें उसके धर्म का सबसे बड़ा दान किया था कि बड़ों का आदर किया जाना चाहिए और उसकी आज्ञा का पालन किया जाना चाहिए बड़ों को भी अपने छोटे के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए अशोक के धर्म में अहिंसा और दान का बड़ा महत्व है अपने इस धर्म के संदेशों को उसने खिलाओ और स्तंभों पर खुद बाय अशोक की अगिया चट्टानों के साथ-साथ बलुआ पत्थर के ऊंचे स्थानों पर भी खो दी गई है स्तंभों पर की गई पॉलिश आज भी शीशे की तरह चमकती है प्रत्येक स्तंभ के शीर्ष पर हाथी सांड या शेर की प्रतिमा बनाई गई सारनाथ के स्तंभ के शीर्ष पर 4 से ही बनाए गए थे 26 जनवरी 1950 को जब गणतंत्र बना तो 4 सीटों की इस बनावट को राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में स्वीकार किया गया जिस के मध्य में एक 24 तीलियों से युक्त चक्र है इसके शीर्ष पर एक हाथी एक दौड़ते घोड़े  की ऊंची उड़ान युक्त आकृति अलंकृत है जो मध्यवर्ती चक्र द्वारा विभाजित है चीन के नीचे की ओर सत्यमेव जयते देवनागरी लिपि में अंकित है और सत्य की विजय होती है पुरवा में मिले अशोक स्तंभ का हिस्सा अभी इसे राष्ट्रपति भवन में रखा गया है अशोक हमारे देश का एक महान शासक था
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